सरस मेला के समापन अवसर पर मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश ने अपने सम्बोधन मे कहा कि हमारे दशे मे महिलाओ को लक्ष्मी की उपाधि की दी जाती है आज शासन द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओ के माध्यम से वे स्वंय का रोजगार समूहो के माध्यम से करते हुए स्वंय वास्तव मे लक्ष्मी अर्थात धनार्जन करते हुए आत्मनिर्भर भी बन रही है। उन्होंने कहा कि जब हमारे घर व समाज की महिलाएं आत्म निर्भर बनते हुए विकसित होंगी तभी भारत देश विकसित होगा। उन्होंने स्वादेशी सामानो के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि स्वादेशी अपनाएं ताकि भारत दुनिया मे सबसे अग्रणी देश बनकर उभरे। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने अपने सम्बोधन मे कहा कि एन0आर0एल0एम0 के सहयोग से समूह गठित कर महिलाएं जो अपना स्वारोजगार करते हुए आत्म निर्भर बन रही है उनके उत्पादो को एक मंच पर मार्केट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरस मेला का आयोजन किया गया है ताकि लोग स्वादेशी उत्पादो/स्थानीय उत्पादो के बारे मे जानकारी प्राप्त कर सके और उसका उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि समूह महिलाओ के द्वारा गुणवत्तापूर्ण बनारसी साड़ी बनाई जा रही है जो बनारस की अपेक्षा काफी सस्ता है। जिलाधिकारी ने कहा कि इनके प्रोडक्ट मे और निखार लाने के लिए नई-नई डिजाइनो का प्रशिक्षण दिलाया जाए ताकि वे मीरजापुर मे उत्पादित वाराणसी साड़ी का नाम विन्ध्य साड़ी या उत्पाद के नाम से जाना जा सके। कार्यक्रम मे चेयरमैन सहकारिता जगदीश सिंह पटेल ने सरस मेला मे लगाए गए स्टालो का निरीक्षण करते हुए कई सामानो को क्रय किया गया। तथा कार्यक्रम मे अपने सम्बोधन मे के तहत स्वादेशी व स्थानीय उत्पादो को बढ़ावा देने पर बल देते हुए अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने देश, प्रदेश व जनपद के छोटे-छोटे उद्योग से उत्पादित विभिन्न सामान को प्रोत्साहित किया जाए ताकि लघु उद्यमी को बढ़ावा मिल सके और देश मे सभी को आत्म निर्भर बनाते हुए विकसित भारत की दिशा मे ले जाकर मा0 प्रधानमंत्री जी के सपने को साकार किया जा सके। मुख्य विकास अधिकारी ने सरस मेला कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सभी जनप्रतिनिधिगण, मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी को ओ0डी0ओ0पी0 के पीतल से बने उत्पाद के स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम व पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत व अभिनन्दन किया। उपायुक्त एन0आर0एल0एम0 ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूह के स्टाल के अलावा अन्य विभाग जैसे उद्योग विभाग, खादी विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस विभाग, का भी स्टाल लगाया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित/उत्पादित उत्पादों की बिक्री तृतीय दिवस में लगभग 1233000/- रुपए का बिक्री हुई एवं तीन दिवस में मेले में कुल 2663850/- की बिक्री की गई। सरस मेले में शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमे लोकगायक अमरनाथ शुक्ला एण्ड पार्टी व पतालू यादव एण्ड पार्टी के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। बैठक मे परियोजना निदेशक डी0आर0डी0 धर्मजीत सिंह, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी राजेश सोनकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, उपायुक्त मनरेगा सहित सभी अधिकारीगण उपस्थित रहें।