टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मीरजापुर जिले में चल रहे टीबी स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को चुनार क्षेत्र के दुमदुमा स्थित महामाया आयरन फैक्ट्री में क्षय विभाग द्वारा जागरूकता और स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। हाई रिस्क क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए विभाग अज्ञात टीबी रोगियों की खोज और उनके इलाज पर जोर दे रहा है।क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने श्रमिकों को टीबी के लक्षणों और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही निःशुल्क सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक टीबी रोगी को पोषण योजना के तहत इलाज अवधि तक प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यादव ने श्रमिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहयोग करें। शिविर में “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के नारे को बुलंद करते हुए यादव ने फैक्ट्री मालिक आकाश अग्रवाल (सोनू) से निःक्षय मित्र बनकर टीबी रोगियों के हित में योगदान देने का आग्रह किया। इस अवसर पर क्षय विभाग से अखिलेश कुमार यादव, इफ्तिखार अहमद, फैक्ट्री मैनेजर कुलदीप सिंह, विपुल सिंह, सुनील यादव, आलोक मौर्या, पिंटू, सर्वेश आदि उपस्थित रहे।