जनपद के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री एवं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने निजी स्कूलों की वर्तमान स्थिति, आर्थिक कठिनाइयों और शैक्षिक चुनौतियों से मंत्री को अवगत कराते हुए ठोस समाधान की मांग की। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें शामिल रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों को प्रति छात्र-छात्रा वर्तमान में मात्र 450 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई और संचालन लागत के अनुरूप नहीं है। ऐसे में इस राशि को बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने तथा लंबे समय से लंबित बकाया भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि समय पर भुगतान न होने से निजी स्कूलों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही निजी स्कूलों पर बढ़ते बिजली बिल के भार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसोसिएशन ने मांग की कि निजी स्कूलों के बिजली बिल माफ किए जाएं अथवा उन्हें घरेलू दर पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्कूलों को आर्थिक राहत मिल सके और शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें। प्रतिनिधिमंडल ने शैक्षिक गुणवत्ता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी ध्यान आकर्षित कराया। कक्षा 1 से 5 तक मान्यता प्राप्त स्कूलों में एलकेजी एवं यूकेजी की मान्यता जोड़ने, अध्यापक-अध्यापिकाओं के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था करने तथा एनसीईआरटी की पुस्तकों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई। एसोसिएशन का मानना है कि इन मांगों के पूरा होने से निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली सुदृढ़ होगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि निजी स्कूल शिक्षा व्यवस्था का अहम अंग हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की सभी मांगों को संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा और व्यवहारिक समाधान निकालने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने की। प्रतिनिधिमंडल में विपुल चंद्रा, विजय दुबे, सुनील मिश्रा, सुभाष सिंह, संतोष श्रीवास्तव, संतोष तिवारी, सुरेंद्र देव पांडे, इंद्रेश दुबे, संजीव गुप्ता, विश्वजीत दुबे सहित जनपद के अनेक निजी स्कूलों के प्रबंधक एवं संचालक मौजूद रहे।