जिलाधिकारी, पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में ‘‘कमयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत’’ के सम्बन्ध मे संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन राजीव गाॅधी साउथ कैम्पस, बी0एच0यू0 बरकछा मीरजापुर के न्यू व्याख्यान कक्ष में सम्पन्न कराया गया, इस संगोष्ठी कार्यक्रम में राज्य मद्य निषेध अधिकारी उत्तर प्रदेष, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, प्रभारी आचार्य राजीव गाॅधी साउथ कैम्पस, बी0एच0यू0 बरकछा मीरजापुर, उप निदेषक समाज कल्याण विन्ध्याचल मण्डल मीरजापुर, क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी वाराणसी/मीरजापुर, जिला समाज कल्याण अधिकारी राम विलास यादव एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ ही साथ जनपद मीरजापुर के विभिन्न षिक्षण संस्थाओं के लगभग 350 प्राचार्य/प्रधानाचार्य द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, द्वारा कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत के सम्बन्ध मे विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुये अपने सम्बोधन में कहा कि कर्म योग का अर्थ है फल की ईच्छा या परिणामों की चिन्ता किये बिना, अपने कर्तव्यों को समर्पण और ईमानदारी के साथ निभाना। कर्मयोगी का तात्पर्य एक ऐसा व्यक्ति है, जो फल की ईच्छा किये बिना निष्काम भाव से अपने कर्तव्यांे को पूर्ण करता है। कर्मयोगी अपने सभी कार्यो को भगवान को समर्पित करता है और सांसारिक लाभ-हानि के प्रति समान भाव रखता है, क्योंकि वह समझता है कि सच्चा सुख संसार में नहीं अपितु भगवान में है। साथ ही नषे की लत के मुख्य कारणों, उससे होने वाले सामाजिक एवं व्यक्तिगत प्रभाव एवं नषे की लत से मुक्ति के उपायों के बारे में अवगत कराते हुये सभी नषीले पदाथों के सेवन से दूर रहने की अपेक्षा की गयी है। विकसित भारत के संदर्भ में सम्बोधन में कहा कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से उन्नत, सामाजिक रूप से समानता वाला राष्ट्र बनाना है, जिसमें हर नागरिक के लिये बेहतर षिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसर उपलब्ध हो।