मण्डल के प्रधान डाकघर में डाक विभाग द्वारा फिलेटलिक स्पेशल कवर का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मीरजापुर की विशिष्ट पहचान हस्तनिर्मित दरी पर आधारित विशेष डाक टिकट जारी किया गया। साथ ही दीन दयाल उपाध्याय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विंध्याचल मण्डल के अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी के कर-कमलों द्वारा हुआ। हस्तनिर्मित दरी पर आधारित डाक टिकट का संयुक्त रूप से विमोचन प्रमोद कुमार बंसल (फिलेटलिक सोसाइटी), अशोक कुमार त्रिपाठी (डाक अधीक्षक), ऋतुराज कुमार (डाकपाल सहायक), अजीत प्रसाद सेमवाल (सहायक अधीक्षक) एवं ब्रह्मदेव पाण्डेय (सहायक अधीक्षक) ने किया। डाक टिकट जारी होने के पश्चात अपने संबोधन में डाक अधीक्षक ने कहा कि इस पहल से मीरजापुर की दरी को देश-विदेश में पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय बुनकरों और व्यापारियों को आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने पत्र लेखन की घटती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। प्रतियोगिता के अंतर्गत “महान विभूतियाँ व हमारे आदर्श नायक” विषय पर लेखन कराया गया, जिसमें सेंट मेरी स्कूल के विद्यार्थियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग में मान्या दुबे ने प्रथम तथा आराध्या दुबे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि बालक वर्ग में अलंक्रित श्रीवास्तव एवं अर्पित कुमार सिंह को मंचासीन अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मण्डल अधीक्षक ने दीनदयाल स्पर्श योजना पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से पत्र लेखन की आदत विकसित करने का आह्वान किया और कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में लेखन कौशल सुदृढ़ होगा तथा जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन राजीव सिंह ने किया। इस अवसर पर राहुल गांगुली, डाकपाल ऋतुराज कुमार, अविनाश शुक्ला, संगीता पाण्डेय, अंकिता सिंह, अर्चना कुमारी, मोनिका, राजकमल गौतम, अमित मीणा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।