उप कृषि निदेशक विकेश पटेल ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि आनलाईन पोर्टल के माध्यम से कृषको को वितरित की जायेगी निःशुल्क तोरिया बीज मिनीकिट तिलहनी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरसो की तरह तोरिया अथवा लाही की खेती भी कैच क्राप के रूप में ली जाती है, जो खरीफ की असफल बुवाई/क्षतिग्रस्त फसल अथवा रबी की फसल लेने से पहले कम अवधि (80 से 85 दिन) तोरिया की फसल ले सकते है। जिसे लाही अथवा राई भी कहते है। इसकी बुवाई सितम्बर के प्रथम पखवाड़े से द्वितीय पखवाड़े तक की जा सकी है। जिसमें बीज की मात्रा 4 से 5 किग्रा0 प्रति हे0 लगता है। जिसे कार्बेन्डाजीम 02 ग्राम प्रति किग्रा0 बीज अथवा थीरम 2.5 ग्राम प्रति किग्रा0 बीज से उपचारित करके बुवाई करना चाहिए जिससे फसल में लगने वाले रोगों से बचाव किया जा सके। इस फसल में सिंचित क्षेत्र में नाइट्रोजन 50 किग्रा0 तथा फास्फोरस 20 किग्रा0 एवं वारानी अथवा असिंचित क्षेत्रों में 100 किग्रा0 नाइट्रोजन तथा फास्फोरस 50 किग्रा0 प्रति हेक्टेयर की दर से देना चाहिए।जिसमें नाइट्रोजन का प्रयोग 1/3 भाग बुवाई के समय बेसल ड्रेसिंग, 1/3 भाग बुवाई के टाप ड्रेसिंग 20 से 25 दिन के बाद व 1/3 भाग टाप ड्रेसिंग 45 दिन के आस-पास करनी चाहिए तथा फास्फोरस की पूर्ण मात्रा बुवाई के समय बेसल ड्रेसिंग के रूप में करना चाहिए। तोरिया की फसल में फूल एवं फलियां लगने के समय सिंचाई की आवश्यकता होती है। तोरिया की खेती से किसान अपनी आय बढ़ा सकते है, खासकर उन किसानों के लिए जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं के कारण नष्ट हो गयी है। तोरिया की खेती किसानों के लिए एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है। खासकर उन किसानों के लिए जो कम समय में अधिक मुनाफा कमाना चाहते है और खाली खेतों का सदुपयोग करना चाहते है। तोरिया की प्रजाति पीटी-303, पीटी-30, टाइप-9, टाइप-36 अथवा तपेश्वरी लगा सकते है। इस फसल में लगभग 40 से 42 प्रतिशत तक तेल प्राप्त किया जा सकता है। तोरिया का उत्पादन एक हेक्टयेर में लगभग 10 से 12 कु0 प्राप्त किया जा सकता है। जनपद मीरजापुर में तोरिया मिनीकिट के लक्ष्य प्राप्त है जो विकास खण्डवार निम्न प्रकार है- विकास खण्ड सीटी में 40, कोन में 35, मझवां में 37, पहाड़ी में 55, छानबे में 65, नरायनपुर में 40, जमालपुर में 35, सीखड़ में 35, लालगंज में 65, हलिया में 65, राजगढ़ में 65 व पटेहरा कला में 65 पैकेट कुल 600 पैकेट आबंटित है। जो प्रति पैकेट 02 किलोग्राम का है जिसे एक एकड़ में बुवाई की जा सकती है। जनपद के किसान भाईयों को सूचित किया जाता है कि कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत कृषको द्वारा मिनीकिट प्रर्दशन हेतु निःशुल्क बीज प्राप्त करने के लिए अॅान लाईन आवेदन किया जायेगा। लक्ष्य से अधिक बुकिग होने पर आवेदको के मध्य ऑन लाईन लाटरी के माध्यम से लाभार्थी का चयन किया जायेगा। इसके उपरान्त चयनित कृषको को पी0ओ0एस0 मशीन के माध्यम से निःशुल्क तोरिया बीज मिनीकिट दिया जायेगा। उंक्त तोरिया मिनीकिट हेतु दिनांक 15.08.2025 तक कृषि विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर कृषको द्वारा बुकिग की जा सकती है।

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