ब्रह्मशक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष तिवारी जी ,प्रोफेसर नम्रता मिश्रा पंडित सलिल पांडेय, ओबीटी के डायरेक्टर राजेश मिश्रा, शंकर राय,लायंस क्लब प्रेसिडेंटजया पांडेय इत्यादि गणमान्य ने संयुक्त रूप से पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
आयोजन समिति के सदस्य कुलभूषण पाठक और संदीप श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, कलाकारों का स्वागत किया ।
ब्रह्मशक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं धरोहर फाउंडेशन के संस्थापक ने पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के जीवन से जुड़ी कई बातें कहीं और धरोहर फाउंडेशन द्वारा अगले वर्ष से पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र जी की स्मृति में उनकी पुण्य तिथि 2अक्टूबर पर प्रत्येक वर्ष स्वरांजली कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।
मुख्य अतिथि पद्य विभूषण पंडित छन्नू लाल मिश्र की सुपुत्री प्रोफेसर नम्रता मिश्रा ने अपने समस्त जीवन को अपने पिता के सिद्धांतों और संगीत जगत को समर्पित करने की घोषणा की।
उन्होंने ने अपने उद्बोधन में कहा कि शास्त्रीय संगीत भारतवर्ष की मूल आत्मा है। पाश्चात्य संगीत से यह दबी जा रही है ।
अतः यह सामाजिक दायित्व बनता है कि लोग आगे बढ़कर शास्त्रीय संगीत में रुचि लें और उसकी रक्षा करें ।
तत्पश्चात मंच कलाकारों को समर्पित कर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शुभम यादव के कत्थक भजन से हुआ।
वैभव पांडेय ने अपने शास्त्रीय संगीत से लोगो का मन मोह लिया।
पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के प्रसिद्ध गीत पर उनकी प्रस्तुति लोगों को बहुत अच्छा लगा।
इन्होंने कई रागों को अवतरित कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
कार्यक्रम का समापन विंध्याचल के गायक प्रदीप वर्मा की शास्त्रीय प्रस्तुति से हुआ ।
संगत कार में तबला पर मिश्र एवं बाल कलाकार कौस्तुक पाठक की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय रही।
कार्यक्रम की संयोजक नंदिनी मिश्रा ने सभी का आभारतथा संचालन विभूति मिश्र जी ने किया।
इस आयोजन में सलिल पांडेय, राजेश मिश्रा,जय पांडेय,शंकर राय, डॉ अर्चना पांडे,कामिनी पांडेय,चन्द्रलता उपाध्याय,अनिल यादव, डा० संदीप श्रीवास्तव,शिवराम शर्मा,सोमेश्वरपति त्रिपाठी राकेश वर्मा,कल्पना गुप्ता,सुनयना यादव,आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।