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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के पीछे अधिक राजस्व वाले कई शहरों को अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी में निजी घरानों को देने की योजना है। वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग का सुझाव ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन का है और यह केवल निजीकरण के लिए है।महाराष्ट्र में रिस्ट्रक्चरिंग के विरोध में बिजली कर्मी सड़कों पर उतर आए हैं और उन्होंने हड़ताल की नोटिस दे दी है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने यहां कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विगत 10 महीने से अधिक समय से चल रहे आंदोलन से खीझा हुआ पावर कार्पोरेशन प्रबंधन अब कई शहरों की बिजली व्यवस्था रिस्ट्रक्चरिंग कर अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी को देने जा रहा है। इसी दृष्टि से अब तक केस्को, अलीगढ़ ,मेरठ, बरेली, लेसा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा और सहारनपुर की बिजली वितरण व्यवस्था के वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से मंजूरी मिल चुकी है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की ओर से दिया गया है, जिस पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन अमल कर रहा है। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन,टाटा पावर और निजी कंपनियों की मदद से चार-पांच नवंबर को मुंबई में डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट का आयोजन कर रही है। महाराष्ट्र में भी इस आयोजन के पहले रिस्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव सामने आया है जिसका बिजली कर्मचारियों ने पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया है। संघर्ष समिति ने कहा कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर स्वीकृत पदों की संख्या घटाई जा रही है जिससे अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी के बाद बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता सरप्लस हो जाएंगे। हजारों की संख्या में संविदा कर्मियों की नौकरी जाएगी क्योंकि निजी फ्रेंचाइजी संविदा कर्मियों को और नियमित कर्मचारियों को अपने यहां नहीं रखती। संघर्ष समिति ने कहा कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के बाद केस्को में 325 पद मेरठ में 487 पद बरेली में 372 पद और लेसा में 2055 पद काम हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त संविदा कर्मियों के हजारों पर समाप्त हो जाएंगे और उनकी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 306 दिन पूरे हो गए हैं। बिजली कर्मियों ने वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मीरजापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध सभा में इंजीनियर दीपक सिंह, विनय गुप्ता, रमेश कुमार वैश्य, जितेश कुमार, पवन कुमार, पंकज कुमार, संजय कुमार, शिव शंकर सिंह आदि मौजूद रहे।

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