निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बेगूसराय में सहकारिता प्रसार पदाधिकारी रंजीत शंकर प्रसाद को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने उन्हें जीरो माइल स्थित एक होटल के पास से पकड़ा। सूत्रों के अनुसार, बछवाड़ा प्रखंड के रसीदपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अखिलेश कुमार सुमित अपने पैक्स भवन में एक गोदाम बनवाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को आवेदन दिया था। लेकिन आवेदन को स्वीकृति हेतु आगे बढ़ाने के बदले सहकारिता प्रसार पदाधिकारी रंजीत शंकर प्रसाद ने 25,000 रुपये की मांग की। पैक्स अध्यक्ष ने घूस देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सौदा 10,000 रुपये में तय हुआ। अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना पैसे दिए आवेदन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके बाद अखिलेश कुमार ने 15 सितंबर को निगरानी विभाग, पटना कार्यालय में जाकर इसकी लिखित शिकायत की निगरानी विभाग, पटना के डीएसपी श्रीराम चौधरी ने बताया कि शिकायत की सत्यता की जांच की गई और फिर कार्रवाई की योजना बनाई गई। (गिरफ्तारी के दिन), पैक्स अध्यक्ष और पदाधिकारी के बीच रिश्वत का लेन-देन तय हुआ था। गिरफ्तारी के समय रंजीत शंकर प्रसाद सिमरिया में आयोजित राज्यपाल के कार्यक्रम में ड्यूटी पर थे। वहां से लौटते वक्त, जीरो माइल स्थित होटल के पास उन्होंने 10,000 रुपये लेकर बैग में रखे ही थे कि निगरानी टीम ने छापेमारी कर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम 500-500 के नोटों में थी। फिलहाल आरोपी को सर्किट हाउस लाकर पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में है।