जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत राज अधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें समस्त सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और कंसल्टिंग इंजीनियर शामिल हुए। बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सामुदायिक शौचालयों की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु नियमित निरीक्षण और केयर टेकर के समयबद्ध भुगतान पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आर.आर.सी.) के निर्माण और प्रभावी संचालन की स्थिति की समीक्षा की गई। ई-रिक्शा संचालन की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया और इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए। विंध्य स्वच्छता मार्ट की स्थापना और संचालन की प्रगति पर भी चर्चा हुई। वित्त आयोग की धनराशि के व्यय में पारदर्शिता बनाए रखने और पंचायत भवनों व अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी अधिकारियों को योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम दास, जिला कंसल्टेंट विनोद श्रीवास्तव, प्रशांत शुक्ला, सुनील उपाध्याय, डीपीएम प्रवीण सिंह, और अमिक अली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक पंचायती राज विभाग की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जमीनी स्तर पर विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।