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इंडियन ऑयल विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 रविवार को नई दिल्ली में संपन्न हो गई। इसमें 100 से ज्यादा देशों के 2200 से अधिक प्रतियोगियों ने 186 पदकों के लिए स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इस चैंपियनशिप की पहली बार मेजबानी कर रहे भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 22 पदक जीते जिनमें 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य शामिल हैं खेल जगत की जानीमानी हस्तियां महसूस करती हैं कि भारत विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 की मेजबानी करने के साथ ही उस मुकाम पर पहुंच गया जो अभिजात और स्थापित आयोजकों के लिए आरक्षित माना जाता है। सुप्रसिद्ध जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हो चुका है जिसमें पैरा एथलेटिक्स पदक स्पर्धा के रूप में शामिल था। लेकिन अनेक अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट, विश्व चैंपियन और भारतीय खेलों के धुरंधर मानते हैं कि इस विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप ने किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को बेदाग ढंग से आयोजित कर एक अलग ऊंचाई तक पहुंचाने की भारत की क्षमता को स्थापित किया है। भारत विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जापान के बाद चौथा एशियाई देश बन गया है। भारत ने दुबई में 2019 में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 9 पदक जीते थे। उसने इस चैंपियनशिप में 2023 में पेरिस में 10 और 2024 में कोबे में 17 पदक प्राप्त किए। पैरालंपिक में भी भारत के पदकों की संख्या में उछाल देखने को मिला है। उसने पैरालंपिक में 2004 में एथेंस में सिर्फ 2 पदक जीते थे। लेकिन उसे 2016 में रियो डी जेनेरो में 4 और 2020 में टोक्यो में 19 पदक मिले। वर्ष 2024 के पेरिस पैरालंपिक में उसने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 29 पदक हासिल किए। भारतीय पैरा एथलीटों के प्रदर्शन में यह जबर्दस्त सुधार उन्हें सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग को प्रतिबिंबित करता है। विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के पदक विजेताओं में सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के 15 और खेलो इंडिया कार्यक्रम का एक एथलीट शामिल है। इस चैंपियनशिप में टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना से 23 और खेलो इंडिया से 22 एथलीटों ने शिरकत की। विश्व चैंपियनशिप की 6 बार की स्वर्ण विजेता और पैरालंपिक में तीन दफा पदक जीत चुकीं नीदरलैंड की फ्लूर जोंग ने भारतीय आतिथ्य और मेजबानों की गर्मजोशी की सराहना की। अपने दोनों पैर गंवा चुकीं फ्लूर ने लंबी कूद और 100 मीटर टी 64 श्रेणी में दो स्वर्ण पदक जीते। फ्लूर जोंग ने कहा, ‘‘भारत में मेरा अनुभव शानदार रहा। अधिकारियों, स्वयंसेवियों, चिकित्साकर्मियों और होटलकर्मियों समेत सभी लोग बेहद खुशमिजाज और मदद के लिए हमेशा तैयार थे। इस चैंपियनशिप का आयोजन बहुत अच्छे ढंग से किया गया। जब भी मौका मिलेगा मैं फिर से भारत आना पसंद करूंगी।

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