केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर में स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह कॉन्क्लेव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्टार्टअप की दुनिया में भारत की पहचान बनाने के लिए शुरू किए गए मिशन के सभी पहलुओं पर चिंतन करेगा और समस्याओं का समाधान ढूंढेगा। यह कॉन्क्लेव innovate, elevate और accelerate के तीन मंत्रों की थीम पर आयोजित हो रहा है। उन्होंनेकहा कि इस कॉन्क्लेव में दो दिनों तक 7 सत्रों में अलग अलग विषयों पर चर्चा होगी और इसके माध्यम से उभरते हुए स्टार्टअप्स को निवेशकों के साथ जोड़ने और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए mind to market के मंत्र को मार्केट तक पहुंचाने का बहुत बड़ा मंच मिलेगा। अमित शाह ने कहा कि आज यहां भारतीय ज्ञान प्रणाली के संकलन का भी विमोचन हुआ है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में आयुर्वेद, शास्त्रीय कलाएं, वास्तुकला, गणित, दर्शन, विज्ञान, अंतरिक्ष और पर्यावरण के क्षेत्र में दुनियाभर का श्रेष्ठ ज्ञान संचित है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर अनुसंधान और शोध का एक वर्टिकल बनाकर हमारे युवाओं के लिए इस खजाने को खोला है। इस प्रणाली में उपलब्ध ज्ञान के खजाने को आधार बनाकर हमारे युवा विश्व में सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान कर सकते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत के युवाओं को स्टार्टअप क्षेत्र में इनोवेशन, शोध करने और अपने विचारों को ज़मीन पर उतारने के लिए देश छोड़कर विदेश जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत में स्टार्टअप सिस्टम और इसके इकोसिस्टम का कोई अस्तित्व ही नहीं था, पूरे भारत में 2014 में 500 से कम स्टार्टअप थे और स्टार्टअप का स्वप्न देखना सिर्फ समृद्ध बैकग्राउंड वाले बच्चों के लिए ही संभव था। उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 के दस साल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में स्टार्टअप इंडिया की शुरूआत की और आज भारत विश्वस्तरीय स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने में सबसे तेज़ गति से आगे निकलने वाला देश बन चुका है। मोदी जी ने स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने का स्वप्न पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2016 में स्टार्टअप्स को सिर्फ प्रॉफिट कमाने वाली इकाई से आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भरता का एक बड़ा साधन बनाया है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को हमारे देश की कई समस्याओं के समाधान, इनोवेशन को गति देने वाला यंत्र और युवाओं के अंदर की क्रिएटिविटी को प्लेटफॉर्म देने का मंच बनाया है।अमित शाह ने कहा कि 2016 से 2024 के 8 वर्षों में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम को ताकत देने के लिए पिछले दस साल में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम भी बन चुका है। युवाओं के विचारों, सोच और साहस को डिजिटल इकोसिस्टम तेज़ी के साथ देश और दुनिया के सामने रखता है। उन्होंने कहा कि 2015 में इनोवेशन इंडेक्स में भारत की रैंकिग 91वीं थी और आज हम 38वें पायदान पर पहुंच गए हैं। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले तीन साल में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत दस शीर्ष देशों में पहुंच जाएगा और आने वाले दिनों में हम वैश्विक इनोवेशन को कंट्रोल करेंगे।