ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मिर्जापुर के जिलाध्यक्ष अजय ओझा के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में पत्रकार कलेक्ट्रेट पहुंचकर सीतापुर जनपद के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के संबंध में 8 सूत्रीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में
सीतापुर के पत्रकार स्व0 राघवेन्द्र बाजपेई के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपए व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएं और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाय। पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने के पहले आरोपों की मजिस्ट्रेट स्तरीय अधिकारी से जांच कराकर ही मुकदमा दर्ज किया जाएं। सभी पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जाए । प्राइवेट पब्लिक स्कूलों में ग्रामीण पत्रकारों के बच्चे को शिक्षण शुल्क में रियायत दी जाएं। तहसील , थाना, ब्लाकों के कार्यालयों में पत्रकार के लिए हेल्प डेस्क बनाए। आर्थिक रूप से गरीब पत्रकारों के अंत्योदय कार्ड उपलब्ध कराया जाएं। शासन प्रशासन द्वारा चलाई जा रहा रही कल्याणकारी योजनाओं / ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं में पत्रकार को प्राथमिकता दी जाएं आदि शामिल थी।इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त होने पर भी पत्रकार के खिलाफ साजिश रची जा रही हैं। भ्रष्ट अधिकारियों/ माफियाओं के गठजोड़ से दिनदहाड़े हत्या की जा रही है। सीतापुर में पत्रकार साथी राघवेन्द्र बाजपेई की हत्या इसका प्रमाण है।आए दिन पत्रकारों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है जिससे सच्चाई सामने न आ सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी हमेशा पत्रकारों के हित की बात तो करते हैं मगर उनके मातहत पत्रकारों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आते हैं। अब समय आ गया है सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बना कर पत्रकारों की सुरक्षा को अमली जामा पहनाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय ओझा के अलावा संजय दुबे, सुभाष मिश्रा, संतोष पांडेय, विभूति नारायण सिंह, शीतलेश्वर पाठक, पुष्पेंद्र मिश्रा, सुनील गौड़,ओमप्रकाश मिश्रा, पवन पांडेय, दयाशंकर वर्मा, राहुल त्रिपाठी, आशुतोष तिवारी, अंबुज दुबे, चन्दन दुबे, चंद्रशेखर पांडेय, भोला नाथ यादव, कृष्णकुमार अग्रहरी, सत्येंद्र विश्वकर्मा, सतीश सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, आदि पत्रकार मौजूद रहे।
