जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समिति दिव्यांग बंधु, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की जिला स्तरीय समिति, जिला स्तरीय सलाकार एवं समीक्षा समिति, पूर्वांचल विकास निधि की बैठक आहूत की गई। दिव्यांग बंधु की बैठक में उद्योग विभाग से मिलने वाले योजनाओं में दिव्यांगजनों को लाभान्वित किये जाने, दिव्यांगजनो का यूनिक आई0डी0कार्ड0 एवं चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाए जाने, दिव्यांगजन पेंशन के0वाई0सी0, नवीन दिव्यांगजन पेंशन के आवेदन पत्रो का सत्यापन, दिव्यांगजन को शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने, दिव्यांगजनो के सुगम एवं बाधारहित आवागमन हेतु रैम्प की व्यवस्था किए जाने, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण/प्रधानमंत्री आवास योजना की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की गइ।
जिला स्तरीय सलाहकार समिति की समीक्षा में जिलाधिकारी ने सभी बैंको अधिकारियों को निर्देशित किया कि लम्बित आवेदन यथा शीघ्र निस्तारण कराएं। उन्होंने जनपद के सांख्यिकीय आकड़ों की समीक्षा की गई पाया गया कि जनपद के ज्यादातर बैंकों जैसे बैंक आफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया, इंडियन बैंक, इण्डियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एण्ड सिंध बैंक, यूनियन बैंक आफ इण्डिया, जिला सहकारी बैंक, आर्यावर्त बैंक, आइ0डी0बी0आई बैंक, कोटेक महिन्द्रा एवं भारतीय स्टेट बैंक का ऋण जमाअनुपात राज्य औसत 60 प्रतिशत से कम है। बैंक प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि छोटे ऋण होने के कारण ऋण जमानुपात में अपेक्षित वृद्धि नही हो पाती है एवं बड़े ऋण नियंत्रक कार्यालयों के माध्यम से हो जाने के कारण, जिस जनपद में बैंक के नियंत्रक कार्यालय होते है, उस जनपद के ऋण जमानुपात में वृद्धि होती है, चाहें इकाई अपनी ही जनपद में स्थापित क्यों न हों। इस प्रक्रिया में सुधार किये जाने हेतु बैंक प्रतिनिधियों को अपने उच्च प्राधिकारी के समक्ष प्रकरण रखने हेतु निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना एवं उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष योजनान्तर्गत ‘माता सुकेता महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण (केज स्थापना)’ उपयोजना में जनपद के लाभार्थियों के चयन हेतु जिला स्तरीय की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये कि मत्स्य विभाग के पोर्टल पर प्राप्त उपरोक्त योजनाओं में नियमानुसार पूर्ण दस्तावेज वाले प्राप्त आवेदनों को स्वीकृत कर लिया जाए तथा अन्य विगत वर्ष की अपूर्ण उपयोजनाओं को पूर्ण किये जाने हेतु अनुदान की धनराशि मांग कर उन्हें यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाए। तदुपरान्त पूर्वांचल विकास निधि के तहत कराए जा रहे कार्यो की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, परियोजना निदेशक, उप निदेशक कृषि, उपायुक्त श्रम रोजगार, सहायक निदेशक मत्स्य एवं समस्त सदस्य उपस्थित रहे।
