जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देशन में जनपद की समस्त 12 विकास खण्डों में 10-10 महिला स्वयं सहायता समूह के प्रमुखों का आपदा जोखिम न्यूनीकरण के विषय पर प्रशिक्षण कराया गया। इस प्रशिक्षण में सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा समस्त प्रशिक्षु महिलाओं को जनपद के विभिन्न संवेदनशील आपदा जैसे डूबना, आकाशीय विद्युत तथा सर्पदंश से बचाव के सम्बंध में जागरूक किया गया तथा प्रशिक्षु महिलाओं कि जानकारी को आपदा केंद्रित सवाल पूछते हुये परखा गया, एवं प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण के बिंदुओं को ग्राम समाज के लोगों तक पहुंचाने के लिये प्रेरित किया है। प्रशिक्षण में जनपद में आकाशीय विद्युत की जनहानियों को न्यूनीकृत करने हेतु पूर्व में जनपद द्वारा योजनाबद्ध तरह फैलाई गई जागरुकता जिसमें मुख्यतौर पर प्रत्येक 809 ग्राम पंचायत में एक दिवसी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन तथा 60 जागरूकता रथों का समस्त 12 विकास खण्डों में 30 दिन तक संचालन एवं विभिन्न प्रकार के जिला स्तरीय तथा ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं के साथ बिल बोर्ड तथा सिनेमा हाल के माध्यम से आकाशीय विद्युत से बचाव के परिपेक्ष में प्रचार प्रसार किया गया है, के सम्बंध में नेहरू युवा केंद्र संगठन के स्वयंसेवक तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र देते हुए सम्मानित किया गया, जिनके प्रयासों से आकाशीय विद्युत से होने वाली जनहानि में कमी दर्ज कि गयी है। वर्ष 2019 में आकाशीय विद्युत से 30 जनहानि, 2020 में 28 जनहानि, 2021 में 23 जनहानि, 2022 में 24 जनहानि, 2023 में 27 जनहानि तथा वर्तमान वर्ष 2024 में 14 जनहानि हुई है। प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 एवं आपदा विशेषज्ञ द्वारा मुख्यतः हीट वेव के स्तर पर बचाव संबंधित तैयारियों तथा अन्य आपदाओं के सम्बंध में बचाव के प्रति जागरुक किया गया जैसे आकाशीय विद्युत के दौरान खुले खेत में, पेड़ के नीचे, तालाब के नजदीक, बिजली के खभों के इत्यादि के नजदीक बिल्कुल ना रहे। उपमहानिरीक्षक 11 वी बटालियन एन0डी0आर0एफ0 मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में प्रशिक्षुओं का एन0डी0आर0एफ0 टीम कमांडर सुधीर सिंह और उनकी प्रशिक्षित टीम के द्वारा आग लगी में क्या करें व क्या ना करें, स्ट्रेचर बनाना, सी0पी0आर देना, रस्सिन बचाओ तकनीक, राहत एवं बचाव के संसाधन बनाना इत्यादि पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में यूनिसेफ की टीम द्वारा महिलाओं एवं बच्चों पर जलवायु परिवर्तन तथा आपदाओं के कारण होने वाले प्रभाव को कम करने विषयक प्रशिक्षण दिया गया तथा स्वास्थ्य विभाग से डाॅ योगेश दुबे द्वारा सर्पदंश से बचाव के संबंध में क्या करें एवं क्या ना करें के उपाय बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान आपदा तैयारी के संबंध में प्रशिक्षण कीट में मुख्यतौर पर आपदा तैयारी कि बुकलेट तथा हीट वेव के संबंध में पैम्फ्लट वितरित किया गया। कार्यक्रम समापन से पूर्व समस्त समस्त 120 प्रतिभागी महिलाओं से कुछ प्रशिक्षण में बताये गये सवाल पूछे गए जिसका सही उत्तर देने वाली 5 महिलाओं को रुपए 1000 प्रत्येक प्रतिभागी के अनुसार पुरस्कार राशि भेंट कि गयी।

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